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15 August 2011

आज़ादी से

हर तरफ दिख रहा है जोश
बज रहे हैं ढ़ोल
हो रहा है शोर
उत्साह,जश्न
आज़ादी के त्योहार का
एक अलग समाँ
हर कहीं लहराते तिरंगे का
जन गण मन का
वन्दे मातरम का
गूंज रहा है गीत
निकल रहे हैं जुलूस
उत्साहित बच्चों के
नौजवानों के
मोहल्ले-मोहल्ले
की सड़कों से
निकल रहे हैं काफिले
'माननीयों' के
जो आज़ादी से
दे रहे हैं भाषण
नैतिकता के
मूल्यों  के
जिनको रौंदते भी वही हैं
अपने पैरों से
आज़ादी से!

आज मैं भी
टहलुंगा शाम को कुछ देर
दिन के कोलाहल के बाद
शांत सड़कों पर
और देखुंगा
कोने कोने पर 
सुबक रहे
कागज़ और प्लास्टिक के
तिरंगे को
जिसके आँसू
लगा रहे होंगे
एक प्रश्न चिह्न
आज़ादी पर
हर साल की तरह
हर बार की तरह
आज़ादी से!


आप सभी को स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ!तिरंगा हमारी पहचान है इसका सम्मान करें!

29 comments:

डॉ. मोनिका शर्मा said...

सुंदर रचना ...सुंदर सन्देश.... शुभकामनायें

Udan Tashtari said...

स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ!

Chaitanyaa Sharma said...

सबसे प्यारा है हमारा तिरंगा.......स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें ..जय हिंद

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
स्वतन्त्रता की 65वीं वर्षगाँठ पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

Anonymous said...

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sushma verma said...

सन्देश देती रचना... जय हिंद....

Kunwar Kusumesh said...

सुन्दर प्रस्तुति.
स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ.

Dorothy said...

सुंदर और सार्थक प्रस्तुति... स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनायें...
सादर,
डोरोथी.

induravisinghj said...

स्वतन्त्रता दिवस की शुभकामनाएँ!
उत्साह बढ़ाती हुई सुंदर रचना...

Dr Varsha Singh said...

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

नीरज गोस्वामी said...

स्वतंत्रता दिवस की शुभकानाएं

इस अनुपम रचना के लिए बधाई स्वीकारें

नीरज

रेखा said...

जी हाँ तिरंगे का सम्मान हमेशा ही होना चाहिए . अनजाने में भी तिरंगे का अपमान नहीं होना चाहिए .

ज्योति सिंह said...

कागज़ और प्लास्टिक के
तिरंगे को
जिसके आँसू
लगा रहे होंगे
एक प्रश्न चिह्न
आज़ादी पर
हर साल की तरह
हर बार की तरह
आज़ादी से!
yahi to nahi hona chahiye ,jai hind bahut bahut badhai

अनुपमा पाठक said...

स्वतंत्रता दिवस की शुभकानाएं !!!

सार्थक रचना!

सागर said...

khubsurati prstuti...

Shalini kaushik said...

सुन्दर प्रस्तुति स्वतंत्रता दिवस के शुभावसर पर.आपको भी स्वतंत्रता दिवस की बहुत बहुत शुभकामनायें

Anju (Anu) Chaudhary said...

वाह बहुत खूब ...सार्थक प्रस्तुती...

Dr (Miss) Sharad Singh said...

आस्था और विश्वास से ओतप्रोत सुन्दर संवेदनशील अभिव्यक्ति...

Maheshwari kaneri said...

आस्था और विश्वास की जीती जागती तस्वीर.... बहुत सुन्दर प्रस्तुति.....!
स्वतन्त्रता की 65वीं वर्षगाँठ पर बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

सदा said...

वाह ...बहुत खूब कहा है आपने ।

Jyoti Mishra said...

Brilliantly said :)
and u have expressed a grave problem which is generally left out and never get the attention it deserves.

Anita said...

बहुत भाव भरी रचना, तिरंगे को जो भी आज के दिन हाथ में लेते हैं उनके दिल में उसके लिए प्यार तो होता ही है... हाँ अपमान नहीं होना चहिये.

संजय भास्‍कर said...

बहुत सुन्दर रचना,बहुत ही उम्दा प्रस्तुती
स्वतंत्रता दिवस की बहुत शुभकामनायें.

निवेदिता श्रीवास्तव said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!........ शुभकामनाएँ!!!

Satish Saxena said...

आपको शुभकामनायें !

Dr.Sushila Gupta said...

आज मैं भी
टहलुंगा शाम को कुछ देर
दिन के कोलाहल के बाद
शांत सड़कों पर
और देखुंगा
कोने कोने पर
सुबक रहे
कागज़ और प्लास्टिक के
तिरंगे को

bahut pyari kavita likhee desh par

hardik badhai .

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) said...

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद।

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

केवल आज़ादी दिवस मानाने से नहीं होगा ... आज़ादी का मतलब समझकर ... देश में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ लढना होगा ...
बहुत सुन्दर रचना ...

Amrita Tanmay said...

हमारा तिरंगा हमेशा ऊँचा रहे .शुभकामनायें |