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29 October 2011

तलाश मे हूँ......

उस वक़्त की तलाश मे हूँ
जिस वक़्त -
वक़्त तलाश लेगा
खुद को
किसी मानव रूप मे  
और
उसकी उंगली पकड़ कर
मैं चलने की
कोशिश करूंगा
आगे की ओर
भूल कर
अपने
पिछले कदमों के निशां !

29 comments:

POOJA... said...

bahut khoob...
"पर...
जबवक़्त बन जायेगा इंसान
तब...
उसे भी सुनने होंगे कटाक्ष
सुन्नी होगीं रुस्वाइयां
सहना होगा बेवफा कहे जाने का दर्द
और न जाने कितनी शिकायतें
सिर्फ
ज़रा-सा बदल जाने पर ..."

AAPKAYAARDILDAAR said...

बहुत ही सुन्दर तलाश ...........

रश्मि प्रभा... said...

वही वक़्त अग्रसर है ...

अंजू शर्मा said...

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति.....वक़्त सुनेगा तो ठहर ही जायेगा.....

Rahul Paliwal said...

वो तलाश हमारी ही हैं...हमें ही तलाशना हैं अपने भीतर छुपे रत्नों को.

Kailash Sharma said...

तलाश ज़रूर पूरी होगी...बहुत सुन्दर

Maheshwari kaneri said...

बहुत ही सुन्दर तलाश है .....जरूर पूरी होगी...शुभकामनाएँ..

अनुपमा पाठक said...

निरंतर आगे की ओर अग्रसर हों!

डॉ. मोनिका शर्मा said...

बहुत सुंदर पंक्तियाँ हैं..

Prakash Jain said...

Sundar...

Rajesh Kumari said...

आशा जगाती हुई सुन्दर रचना

Unknown said...

खूबसूरत अभिव्यक्ति यशवंत शुभकामनाएं

संगीता पुरी said...

मैं चलने की
कोशिश करूंगा
आगे की ओर
भूल कर
अपने
पिछले कदमों के निशां !

पिछला भूलना ही चाहिए .. आगे बढने के लिए !!

Kajal Kumar's Cartoons काजल कुमार के कार्टून said...

वाह जी सुंदर

Amrita Tanmay said...

यक़ीनन अगला कदम खुबसूरत होगा.

sushma verma said...

काश! वक़्त की ये तलाश जल्दी पूरी हो..... बहुत ही अच्छी पंक्तिया.....

अनुपम said...

Well written..!!

Rakesh Kumar said...

सुन्दर अभिव्यक्ति है आपकी यशवंत जी.

मेरे ब्लॉग पर आप आये अच्छा लगा.

आपके विचार जानकर और भी अच्छा लगता.

बहुत बहुत आभार.

संध्या शर्मा said...

जिस वक़्त -
वक़्त तलाश लेगा
खुद को
किसी मानव रूप मे ...
जाने फिर वक़्त कैसा इन्सान हो
हमारी उंगली थामेगा
हमारे साथ चलेगा
या हमें पीछे छोड़
आगे निकल जायेगा...
ये तो सब वक़्त ही बताएगा...
बहुत अच्छी पंक्तिया.....

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

सुंदर ख्याल...
सादर बधाई...

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

वक़्त का अच्छा बिम्ब प्रस्तुत किया है.बधाई.

सदा said...

बहुत बढि़या ।

Anonymous said...

वाह ........बहुत खुबसूरत अहसास|

Human said...

सकारात्मक सन्देशप्रधान रचना!

निवेदिता श्रीवास्तव said...

वो वक्त बस आने ही वाला है ....... शुभकामनायें !

संजय भास्‍कर said...

सटीक अभिव्यक्ति कविता अच्छी लगी ।

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) said...

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद!

Anita said...

बहुत सुंदर भावयुक्त कविता... आगे ही आगे जाता है वक्त...

मेरा मन पंछी सा said...

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति.