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16 November 2011

मेरा इंतज़ार

जंगली धूप और
मरघटी रातों मे
अनजान गलियों की ,
सुनसान  सड़कों पर
अकेले चलते हुए
मैंने देखा -
हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!

42 comments:

Prakash Jain said...

हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!

Badhiya:-)

Maheshwari kaneri said...

इंतजार में भी एक अहसास है....भावमयी...

babanpandey said...

समय तो भाग रहा है ... साथ ही हमें जगा रहा है

नीरज गोस्वामी said...

बेजोड़ रचना...बधाई स्वीकारें



नीरज

अनुपमा पाठक said...

हर मोड़ पर वक़्त संभावनाओं की पोटली भी पकड़ता जाता है...!

Rajesh Kumari said...

bahut khoob.

प्रेम सरोवर said...

आपके पोस्ट पर आना सार्थक सिद्ध हुआ । । मेरे पोस्ट पर आप आमंत्रित हैं । धन्यवाद ।

रश्मि प्रभा... said...

वक़्त के पहरेदार यानि आशा, शक्ति, जिजीविषा .... यही तो है वो साथ , जो डरने से हारने से रोकता है

संध्या शर्मा said...

हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!
बहुत सुन्दर भाव... इंतजार करते वक़्त के पहरेदार...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर सृजन!

डॉ. मोनिका शर्मा said...

गहरे भाव....

अरुण कुमार निगम (mitanigoth2.blogspot.com) said...

हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!
वाह !!! बहुत खूब

Anonymous said...

छोटी किन्तु शानदार पोस्ट वक़्त के पहरेदार......वाह |

Anita said...

वक्त के पहरेदार से मुलाकात अच्छी रही.. धूप हो या रात वक्त अनवरत हमें सँग लिये जाता है..

Human said...

बहुत अच्छी तरह से वक़्त को शब्दों में बयान किया है ।

अपने महत्त्वपूर्ण विचारों से अवगत कराएँ ।

औचित्यहीन होती मीडिया और दिशाहीन होती पत्रकारिता

Amrita Tanmay said...

उम्दा रचना

Amrita Tanmay said...

उम्दा रचना

मेरा मन पंछी सा said...

हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!
बहुत सुन्दर

दिगम्बर नासवा said...

बहुत खूब ... वक्त तो इंतज़ार करता है पर साथ भी जल्दी छोड़ जाता है अगर कोई साथ न चले तो ...

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

बहुत सुंदर यशवंत जी

सदा said...

वाह ...बहुत खूब ...।

Tv100 said...

आपकी पोस्ट बेहद पसंद आई! इसलिए आपको बधाई और शुभकामनाएं!
आपका हमारे ब्लॉग
http://tv100news4u.blogspot.com/
पर हार्दिक स्वागत है!

सागर said...

bhaut hi umda sir ji.....

Dr.Bhawna said...

Bahut khub !

Vandana Ramasingh said...

हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!

....कि नए और अनुकरणीय पद चिन्ह देखने को मिलेंगे ....बधाई यशवंत जी

Anupama Tripathi said...

आपकी किसी पोस्ट की चर्चा है ... नयी पुरानी हलचल पर कल शनिवार 19-11-11 को | कृपया पधारें और अपने अमूल्य विचार ज़रूर दें...

Unknown said...

Your thoughts are reflection of mass people. We invite you to write on our National News Portal. email us
Email us : editor@spiritofjournalism.com,
Website : www.spiritofjournalism.com

Bharat Bhushan said...

वक्त के पहरेदारों को केवल इंतज़ार करना आता और रचनाकार उनके इंतज़ार की भी परवाह नहीं करता. प्यारी कविता.

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

bahut sundar rachnaa....
saadar badhai.

Mamta Bajpai said...

बहत बढ़िया ...बधाई

kshama said...

हर मोड़ पर कर रहे थे
मेरा इंतज़ार
वक़्त के
अदृश्य पहरेदार!
Badee kamaal kee rachana!

अनामिका की सदायें ...... said...

jangli dhoop se bachkar shaleen chhanv me bhi chaloge to ye pahredaar peechha nahi chhodenge. gahe-bagahe mil hi jayenge.

sunder abhivyakti.

Onkar said...

सुन्दर रचना

Anju (Anu) Chaudhary said...

bahut khub

Sonroopa Vishal said...

छोटी बात = गहरी बात

कुमार राधारमण said...

इसलिए,प्रति पल को उसकी संपूर्णता में जीना ही उपाय।

सु-मन (Suman Kapoor) said...

यशवंत ...बहुत बहुत ही सुन्दर लिखा है ....

सु-मन (Suman Kapoor) said...

यशवंत ..बहुत बहुत ही सुन्दर लिखा है ...

Kailash Sharma said...

बहुत खूब !

Jyoti Mishra said...

अदृश्य पहरेदार!

Awesome imagery !!
Simply loved it :)

Dr.NISHA MAHARANA said...

बहत बढ़िया.

www.navincchaturvedi.blogspot.com said...

सुंदर कविता, बधाई। कविमन को वेग लेते देख अच्छा लग रहा है।