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17 June 2012

ज़रूरी है ....

चुपके से खींचा गया फोटो-09/06/2012 
सिर पर
एक हाथ ज़रूरी है
हर पल का साथ
ज़रूरी है
आते जाते कदमों पर
एक एहसास ज़रूरी है

ज़रूरी हैं
कल की यादें
आज और
कल की बातें

ज़रूरी है
वही प्रेरणा
वही विश्वास
जो कल था
और
आज भी है
मेरे लिये
मेरे साथ
हमेशा की तरह!

©यशवन्त माथुर©

28 comments:

vijai Rajbali Mathur said...

जब तक हैं तब तक सिर पर हाथ है ही परंतु आशीर्वाद बाद तक कायम रहेगा। ज़रूरी है 'आत्म-विश्वास' और 'आत्म-निर्भरता' तथा लोगों को पहचानने की क्षमता। दीवार तक सब देखते हैं हमने दीवार के उस पर देखना सीखा है उसी परंपरा को कायम रखने का दायित्व भी लेना होगा। जैसा देखा है कि किस प्रकार चारों ओर से घिर कर भी सकुशल अपने को निकाला है उसी दृढ़ता को अपनाना होगा। सम्मान करना ठीक है लेकिन झुकना कभी न हो ,अपना सम्मान कभी न गवाना होगा। जो देखा है उसे सीख कर अपनाना होगा तो कभी भी न पक्षताना होगा। तूफानों से भी टकराने का हौसला दिखाना होगा तो जीवन सदा सुहाना होगा।

sushma verma said...

very touching.... happy fathers day.....

ANULATA RAJ NAIR said...

बहुत सुन्दर यशवंत.....
और उतनी ही सुन्दर पापा की टिप्पणी.....
उनका हाथ सदा बना रहे तुम्हारे सर पर...

happy fathers day
सस्नेह.

M VERMA said...

ज़रूरी है
वही प्रेरणा
वही विश्वास

और जरूरी है चुपके से इस तरह के नैसर्गिक फोटो का खींचा जाना
पितृ दिवस की शुभकामनाएं

डॉ. मोनिका शर्मा said...

भावपूर्ण , हृदयस्पर्शी

अनुपमा पाठक said...

ज़रूरी है और हमेशा ज़रूरी रहेगा भी...!

Noopur said...

Sar par hath zaruri he....bhagwan kare ye sath yun hi bana rahe....sada k liye :)

Chaitanyaa Sharma said...

सही बात , हैप्पी फादर्स डे

संध्या शर्मा said...

कितनी सुन्दर लग रही है बेटे की पोस्ट पर पिता की टिप्पणी... हमेशा बना रहे ये साथ ... शुभकामनायें

Maheshwari kaneri said...

ज़रूरी है
वही प्रेरणा
वही विश्वास
जो कल था
और
आज भी है
मेरे लिये
मेरे साथ
हमेशा की तरह...बहुत सुन्दर यशवन्त...पापा की टिप्पणी के रुप में आशीर्वाद बहुत सुन्दर...शुभकामनाएं

सु-मन (Suman Kapoor) said...

बहुत खूब ...पिता दिवस की शुभकामनायें ...

विभा रानी श्रीवास्तव said...

देखा है कि किस प्रकार चारों ओर से घिर कर भी सकुशल अपने को निकाला है उसी दृढ़ता को अपनाना होगा। सम्मान करना ठीक है लेकिन झुकना कभी न हो ,अपना सम्मान कभी न गवाना होगा। जो देखा है उसे सीख कर अपनाना होगा तो कभी भी न पक्षताना होगा। तूफानों से भी टकराने का हौसला दिखाना होगा तो जीवन सदा सुहाना होगा।
आपके आदर्श को नमन .... :)

विभा रानी श्रीवास्तव said...

आते जाते कदमों पर
एक एहसास ज़रूरी है
मेरेआपके लिये
मेरेआपके साथ
हमेशा की तरह!
हमेशा के लिये!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

खूबसूरत एहसास .... पापा के शब्द मिल गए इससे बड़ा आशीर्वाद क्या हो सकता है ?

वाणी गीत said...

यह हाथ सिर पर सदा बना होना चाहिए ...
शुभकामनायें !

Coral said...

बहुत सुन्दर...... पापा का आशीर्वाद तो हमेशाही रहेगा

शुभकानाये !

Onkar said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

क्या कहने
बहुत सुंदर

सदा said...

यह स्‍नेह और सानिध्‍य आशीष संग हमेशा क़ायम रहे ... शुभकामनाएं

मेरा मन पंछी सा said...

bahut sundar rachana...
good wishesh:-)

Anju (Anu) Chaudhary said...

बहुत खूब ...सत्य हैं

Meeta Pant said...

सुन्दर.

Pallavi saxena said...

वाकई बहुत ज़रूरी है ...

शिवम् मिश्रा said...

यही दुआ है कि यह हाथ सदा हम सब के सर पर बना रहे ... अंकल को प्रणाम कहना !

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - बुंदेले हर बोलों के मुंह, हमने सुनी कहानी थी ... ब्लॉग बुलेटिन

Anonymous said...

बहुत सुन्दर और सटीक पोस्ट।

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) said...

on mail by-dira mukhopadhyay ji

बहुत सुंदर कविता,

चंद्रकांता said...

प्रेरणा खुशबू बन महक रही है इन पंक्तियों से।।सुन्दर ..

चंद्रकांता said...

प्रेरणा खुशबू बन महक रही है इन पंक्तियों से।।सुन्दर ..