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22 November 2012

नादान परिंदे......तब और अब

मेरी इस फेसबुक कवर फोटो पर वर्षा शुक्ला जी ने 'नादान परिंदे' लिख कर अपनी टिप्पणी दी थी। उनकी टिप्पणी से मिले आईडिया के आधार पर उस समय जो मन मे आया वह सबसे पहली 4 पंक्तियों के रूप में फेसबुक पर ही लिख दिया था। आज उन पंक्तियों को और बढ़ा कर यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ-


 कभी नादान हुआ करते थे,अब शैतान हुआ करते हैं,
कभी बेखौफ उड़ा करते थे,अब चलने में सोचा करते हैं
परिंदे हम तब भी थे,परिंदे हम अब भी हैं
लम्हे तब साथ चलते थे,अब लम्हों में जीया करते हैं 

कुछ सपने तब भी बुनते थे, कुछ सपने अब भी बुनते हैं 
घूम फिर कर नयी राह पर,हर पल आ पहुँचते हैं 
परिंदे हम तब भी थे,परिंदे हम अब भी हैं 
तब चलते थे हाथ थाम कर,अब मन भर दौड़ा करते हैं 

कभी बातें खुद से करते थे,अब बातें सब से करते हैं 
कभी पन्नों से खुद की कहते थे,अब मन की सब से कहते हैं 
परिंदे हम तब भी थे,परिंदे हम अब भी हैं 
तब राहों की बाट जोहते थे,अब राहों पे सफर करते हैं  

कभी नादान हुआ करते थे ,अब शैतान हुआ करते हैं 
कभी लिख कर फाड़ा करते थे,अब हर अक्षर सहेजा करते हैं  
परिंदे हम तब भी थे,परिंदे हम अब भी हैं 
तब ज़मीन पे फुदका करते थे,अब आसमां में उड़ा करते हैं।  

©यशवन्त माथुर©

 

26 comments:

sangeeta swarup said...

बहुत सुंदर .... परिंदे की परवाज़ बनी रहे ...

Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद आंटी!

Onkar Kedia said...

सुन्दर कविता

Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद।

ramakantsingh said...

कभी नादान हुआ करते थे,अब शैतान हुआ करते हैं,
कभी बेखौफ उड़ा करते थे,अब चलने में सोचा करते हैं
परिंदे हम तब भी थे,परिंदे हम अब भी हैं
लम्हे तब साथ चलते थे,अब लम्हों में जीया करते हैं
mar dala aapane gajab ki baaten
Read more: http://jomeramankahe.blogspot.com/2012/11/nadan-parinde-tab-aur-ab.html#ixzz2D6ve42EW
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Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद सर!

ASHISH said...

:)
Keep flying Yash!

Yashwant Mathur said...

Thank you Boss :)

Kailash Sharma said...

बहुत सुन्दर भावमयी अभिव्यक्ति...

Yashwant Mathur said...

धन्यवाद सर!

kalpana Mishra said...

बेहद खूबसूरत पंक्तियाँ.... मन को छू gayiin

Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीया कल्पना जी।

indu singh said...

बहुत ही सुन्दर अंदाज़, आसमान पर उडती हुई रचना बेहद पसंद आई ....

Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीया इन्दु जी !

यशोदा said...

ये डिस्कस क्या है भाई


2012/11/22 Disqus

Yashwant Mathur said...

यही कमेन्ट बॉक्स है दीदी :)

Yashwant Mathur said...

धन्यवाद दीदी !

Reena Maurya said...

बहुत ही सुन्दर रचना यशवंत जी..

:-)

Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद!

यशोदा said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 24/12/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

Noopur Kothari said...

Life has many colors....so as ours :)
Nice snaps yashwant ji :)

Yashwant Mathur said...

Thank you very much !
Have a Good time!

Reena Maurya said...

बहुत ही सुन्दर रचना यशवंत जी..
जन्मदिन की शुभकामनाएँ...
:-)

Yashwant Mathur said...

बहुत बहुत धन्यवाद !

Rajesh Kumari said...

अरे ये छोटा सा बच्चा यशवंत है ???सो क्यूट !!! बहुत सुन्दर पंक्तियाँ वाह पंक्तियों में ही जीवन बढ़ते हुए पायदान के सभी रंग बिखेर दिए बहुत खूब शुभ कामनाएं

यशवन्त माथुर (Yashwant R.B. Mathur) said...

जी आंटी मैं ही हूँ :)
आपका बहुत बहुत धन्यवाद !