प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

वेब सर्च (Enter your keywords to search on web)

25 December 2012

अगर कुछ दे सको तो ........

सेंटा !
सुना है
तुम बिना मांगे
अपनी झोली से निकाल कर
खुशियाँ बांटते हो 
मुस्कुराहटें बांटते हो
और निकल लेते हो
अपनी राह
बिना कुछ कहे
बिना कुछ सुने

पर
आज
मैं मांगुंगा
और तुम्हें देना होगा
सिर्फ मुस्कुराओगे नहीं
तुम्हें बोलना भी होगा

तो सुनो
इस क्रिसमस पर
पुरुष के मन को
लज्जा ,शील, सौंदर्य
और कोमलता से भर कर
स्त्री के मन को
दृढ़ता
और बाहुबल से भर कर
दोनों की आँखों को 
सहानुभूति की नज़र
देकर 
घुमा दो अपनी
जादू की छड़ी
और बदल दो
भोग पर आश्रित
इंसानी सोच को

सुना तो ये भी है
कि बच्चों पर
जान छिड़कते हो तुम
तो
कुछ ऐसा भी कर दो
कि नन्हें अधरों की
भोली मुस्कुराहट
बनी रहे हमेशा

सेंटा!
अगर कुछ दे सको तो
पूरी कर देना
बस इतनी सी चाह
इस क्रिसमस पर !

©यशवन्त माथुर©

27 comments:

monali said...

Altruistic wishes.. :)
Amen!!!

udaya veer singh said...

bahut marmik bhav hriday ko sprs karate huye ...

मेरा मन पंछी सा said...

बहुत ही अच्छी दुआ मांगी है आपने..
दुआ जरुर पूरी हो...इस दुआ के साथ..
आपको सहपरिवार नववर्ष की अनंत शुभकामनाएँ...
:-)

मेरा मन पंछी सा said...

बहुत ही अच्छी दुआ मांगी है आपने..
दुआ जरुर पूरी हो...इस दुआ के साथ..
आपको सहपरिवार नववर्ष की अनंत शुभकामनाएँ...
:-)

निहार रंजन said...

इसी अभिलाषा को साकार होने की जरूरत है. उम्मीद करता हूँ सैंटा आपकी मुराद जरूर पूरी करें. बहुत सुन्दर भाव हैं.

Tamasha-E-Zindagi said...

क्या बात है साब बहुत ही अच्छी और सच्ची मांगे हैं | आशा है संत भाऊ ज़रूर पूरी करेंगे | तथास्तु |

विभा रानी श्रीवास्तव said...

सेंटा!
अगर कुछ दे सको तो
पूरी कर देना
बस इतनी सी चाह
इस क्रिसमस पर !

आमीन !!सेंटा आपकी सारी मुरादें पूरी करे :))

दिगम्बर नासवा said...

आमीन ... बहुत से लोगों की ये आपेक्षा है ...
सेंटा इंसान को इंसान बना दे आज ...

संध्या शर्मा said...

सेंटा जरुर पूरी कर देना
बस इतनी सी चाह...
हम सबकी दुआ है आपकी दुआ पूरी हो... शुभकामनायें

Anita said...

बहुत प्यारी सी कविता..शुभकामनायें!

संजय भास्‍कर said...

Best wishes.yashwant bhai :)))))

Unknown said...

आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
सूचनार्थ |

Anonymous said...

नेक दिल से निकली भावना ,सेंटा सुनना ज़रूर !!!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

बहुत प्यारी ख़्वाहिश ...

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया said...

सेंटा जरुर पूरी कर देना हम सबकी दुआ है
शुभकामनायें,,,,

recent post : समाधान समस्याओं का,

Unknown said...

गजब की विश्व शांति की चाह जहां खुशियाँ ही खुशियाँ

ANULATA RAJ NAIR said...

आमीन.....
आपकी सभी ख्वाहिशें पूरी हों....
सुन्दर अभिव्यक्ति.
सस्नेह
अनु

Asha Lata Saxena said...

बहुत ही अच्छी लगी यह कविता |
merry Christmas to you .

आशा

देवदत्त प्रसून said...

सेंताक्लाज(सन्त निकोलस) के व्याज में अच्छी यथाथ वाली बात कह डाली आप ने और यह सिद्ध कर दिया कि छन्द ही नहीन,छन्द-मुक्त कविता भी सशक्त माध्यम है दर्पण दिखाने का !

Rajesh Kumari said...

इस मांग में हम भी तुम्हारे साथ हैं प्रिय यशवंत शुभकामनाएं

Unknown said...

काश............ऐसा ही हो.
आमीन!!

मन के - मनके said...

सटीक मांग,काशः ऐसा हो जाय,सेंटा आएं,
झोली भर इंद्रधनुष ले आएं.

yashoda Agrawal said...

आपकी यह बेहतरीन रचना शनिवार 29/12/2012 को http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. कृपया अवलोकन करे एवं आपके सुझावों को अंकित करें, लिंक में आपका स्वागत है . धन्यवाद!

Unknown said...

wahhh...bahut badiya hai apki chah...
http://ehsaasmere.blogspot.in/

Unknown said...

बहुत ही अच्छी दिल से निकली भावना***^^^^**** पुरुष के मन को
लज्जा ,शील, सौंदर्य
और कोमलता से भर कर
स्त्री के मन को
दृढ़ता
और बाहुबल से भर कर
दोनों की आँखों को
सहानुभूति की नज़र
देकर
घुमा दो अपनी
जादू की छड़ी
और बदल दो
भोग पर आश्रित
इंसानी सोच को

Onkar said...

काश कि यह सच हो जाए

Mamta Bajpai said...

यसवंत जी बहुत सुन्दर रचना ...काश की ऐसा कोई उपहार मिल जाए......