प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

वेब सर्च (Enter your keywords to search on web)

04 March 2013

क्षणिका

कुछ भी तो नहीं यहाँ
फिर भी 
इन सन्नाटों में
मन के
इस निर्जन कोने में
सोते ख्यालों के
खर्राटों की गूंज
कर रही है परेशान
बार बार ।

 ©यशवन्त माथुर©

4 comments:

विभा रानी श्रीवास्तव said...

अधूरे सपने को
पूरा करने को
कह रहे ?

Rajendra kumar said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुतिकरण,सादर आभार।

Tamasha-E-Zindagi said...

वाह भाई वाह बहुत बढ़िया |


कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
Tamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page

निहार रंजन said...

बहुत सुन्दर.