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17 March 2014

देखो होली का हुड़दंग


  लाल हरा पीला नीला
थोड़ा सूखा थोड़ा गीला
भर पिचकारी उड़ता रंग
देखो होली का हुड़दंग

बच्चा बच्चा भीगा भीगा
थोड़ा मस्त थोड़ा खीझा
गली गली में होती जंग
देखो होली का हुड़दंग

जैकब गुरमीत फरहा सीता
ठंडाई हर कोई पीता
प्लेट में गुझिया मस्त तरंग
देखो होली का हुड़दंग

खुशी से सबका गहरा नाता
त्योहार हमको यही बताता
मिलकर गले बिखरता रंग
देखो होली का हुड़दंग। 

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आप सभी को सपरिवार होली मुबारक
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~यशवन्त यश©

10 comments:

ANULATA RAJ NAIR said...

बढ़िया रचना.....
आपको भी होली की ढेर सारी शुभकामनाएं यशवंत ...
सस्नेह
अनु

दिगम्बर नासवा said...

लाजवाब हुडदंग है होली का ...
आपको और परिवार में सभी को होली कि हार्दिक बधाई ...

Shalini kaushik said...

बहुत सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति .होली की हार्दिक शुभकामनाएं

shashi purwar said...

bahut khoob holi ki hardik shubhkamnayen

Ranjana verma said...

बहुत सुंदर रचना..... होली की शुभकामनाएं .....!!

Ranjana verma said...

बहुत सुंदर रचना.... होली की शुभकामनाएं ....!!

सुशील कुमार जोशी said...

वाह बहुत खूब :)
होली की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

Bhavana Lalwani said...

enjoyed holi wid gujhiya n mathri :) happy holi

Anita said...

सुंदर पंक्तियाँ...होली मुबारक..

Maheshwari kaneri said...

बहुत बढिया...होली की शुभकामनाएं.यशवंत