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20 November 2018

इंतज़ार में हूँ ....

इंतज़ार में हूँ
कि मौत की राह पर
बढ़ते ये कदम
कहीं थम जाएँ
तो कह सकूँ
कि अभी ज़िंदा हूँ मैं।
.
-यश ©
20/11/2018

3 comments:

Onkar said...

सुन्दर पंक्तियाँ

सुशील कुमार जोशी said...

होता है।

Anita said...

मौत एक झूठ के सिवा कुछ भी नहीं..आदमी नहीं मरता केवल देह का चोला उतार देता है..