+Get Now!

प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

09 April 2019

क्योंकि वो नौकरी करता है .........

क्योंकि वो नौकरी करता है
दिन भर
कोई अपने दफ्तर में
कोई हर मौसम में
बदज़ुबानी और
जिल्लत को जीता है
क्योंकि वो नौकरी करता है ।

क्योंकि वो नौकरी करता है
लौट कर
अपने छोटे से घोंसले में
बे-हौसला, बे-हाल 
बस उनींदा सा
चिड़चिड़ा सा रहता है 
क्योंकि वो नौकरी करता है ।

क्योंकि वो नौकरी करता है
उसका दिन,उसकी रात
उसकी हर बात
उसका हर पल
सिर्फ 'लक्ष्य' की चिंता में
कहीं डूबा सा रहता है
क्योंकि वो नौकरी करता है ।

क्योंकि वो नौकरी करता है
उसके रिश्ते-नाते
समाज,घर और परिवार
हर पैमाने पर
अपनी मासिक आय से
वो तुलता सा रहता है
क्योंकि वो नौकरी करता है ।

क्योंकि वो नौकरी करता है
इसलिए, है तो वो नौकर ही
जो खुद से बेपरवाह
बस अपने मालिक के रहम पर
पसीने से तर-बतर
अपना करम करता है
क्योंकि वो नौकरी करता है ।

-यश©
09/04/2019