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08 October 2019

दशहरा मना कर क्या होगा ?

मर न सका जो रावण मन का
पुतले जला कर क्या होगा ?
अज्ञानी थे,अज्ञानी हैं हम
दशहरा मना कर क्या होगा ?

मन के भीतर अंधकार हमारे
मर रहे संस्कार हमारे
केवल कागज़ी सिद्धांतों का
नारा लगाने से क्या होगा ?

एक रंग का लहू है भीतर
तलवार चलाने से क्या होगा?
बन न सके जो इंसान अभी तक
दशहरा मना कर क्या होगा ?

-यश ©
06/10/2019

1 comment:

Onkar said...

बहुत सुन्दर