प्रतिलिप्याधिकार/सर्वाधिकार सुरक्षित ©

इस ब्लॉग पर प्रकाशित अभिव्यक्ति (संदर्भित-संकलित गीत /चित्र /आलेख अथवा निबंध को छोड़ कर) पूर्णत: मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित है।
यदि कहीं प्रकाशित करना चाहें तो yashwant009@gmail.com द्वारा पूर्वानुमति/सहमति अवश्य प्राप्त कर लें।

वेब सर्च (Enter your keywords to search on web)

Showing posts with label नयी-पुरानी हलचल. Show all posts
Showing posts with label नयी-पुरानी हलचल. Show all posts

04 May 2020

कुछ लोग -51

वर्तमान में जीते हुए 
कुछ लोग 
भूल जाते हैं 
अपना बीता हुआ कल 
बन जाते हैं मोहरा 
किसी और की चालों के 
जिसके भीतर की 
कालिख से अनजान 
कर  बैठते हैं 
सिर्फ अपने आज में जी कर 
खुद का ही नुकसान।
कुछ लोग 
शायद समझते हैं 
औरों को 
अपने जैसा ही 
कुटिल 
या कुछ अधिक ही सीधा 
लेकिन ऐसा होता नहीं है 
क्योंकि वास्तविकता 
सिर्फ वही नहीं होती 
जो स्याहियों से रची हुई 
दिखती है 
दीवारों पर उकेरी हुई 
या पन्नों पर लिखी हुई। 

-यशवन्त माथुर©
04/05/2020